राजा सवाई मान सिंह (अक्सर सवाई मान सिंह द्वितीय कहा जाता है) जयपुर रियासत के अंतिम शासक और आधुनिक राजस्थान के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उनका जन्म 21 अगस्त 1911 को हुआ और 24 जून 1970 को उनका निधन हो गया।
यहाँ उनके जीवन और योगदान के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं:
👑 परिचय
- वे जयपुर के महाराजा थे (1922–1949)।
- भारत की आज़ादी के बाद, उन्होंने जयपुर और आसपास की रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- आज़ादी के बाद वे स्वतंत्र भारत में राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
🏏 खेल और सेना
- सवाई मान सिंह एक प्रसिद्ध क्रिकेटर थे — भारत की टेस्ट टीम के लिए खेले और कप्तानी भी की।
- जयपुर का प्रसिद्ध क्रिकेट स्टेडियम “सवाई मान सिंह स्टेडियम” उन्हीं के नाम पर है।
- वे भारतीय सेना में भी जुड़े रहे और सम्मानित पदों पर रहे।
🏰 विकास कार्य
- उन्होंने जयपुर शहर के आधुनिकीकरण, सड़क-यातायात, शिक्षा और पर्यटन के विकास में बड़ा योगदान दिया।
- जयपुर को “पिंक सिटी” के रूप में विश्व पहचान दिलाने में उनकी पहल अहम रही।
🤝 राजनीतिक भूमिका
- रियासतों के विलय, प्रशासनिक सुधार और केंद्र सरकार से समन्वय में वे व्यवहारकुशल माने जाते हैं।
- राजघराने के होते हुए भी उन्होंने लोकतांत्रिक भारत के साथ सहयोग का रास्ता चुना।
